मतदान करे बर आहवान गीत
सरसी छंद
चल ओ नोनी चल गा वबाबू,
आगे बड़े तिहार।
समे वार के ओट डार के,
बनवाबो सरकार।
सब मतदाता भाग्य विधाता,
अपन देश के होय।
गलती ले जब गलत बिराजय,
जन मन हर पल रोय।
सोंच समझ के काम करव जी,
मत झन हो बेकार।
एक एक मतदान मिले तब,
बन पाथे सरकार।
अपन देश के रक्षा होवय,
सब होवय खुशहाल।
सबो डहर गा हो विकास अब,
हर जन माला माल।
काम सबो के सरलग होवय,
झन हो भ्रष्टाचार।
अइसन चल सरकार बनाबो,
हे हमरो अधिकार।
दाई बाबू खेत गये हे,
चल ओला समझाव।
सबले बड़का काम यही ये,
वोट डार के आव।
कल पछतावा झन गा होवय,
अइसन करव चुनाव।
काम धाम सब आज छोंड़ के,
वोट करे बर जाव।
दिलीप कुमार वर्मा
बलौदा बाज़ार
सरसी छंद
चल ओ नोनी चल गा वबाबू,
आगे बड़े तिहार।
समे वार के ओट डार के,
बनवाबो सरकार।
सब मतदाता भाग्य विधाता,
अपन देश के होय।
गलती ले जब गलत बिराजय,
जन मन हर पल रोय।
सोंच समझ के काम करव जी,
मत झन हो बेकार।
एक एक मतदान मिले तब,
बन पाथे सरकार।
अपन देश के रक्षा होवय,
सब होवय खुशहाल।
सबो डहर गा हो विकास अब,
हर जन माला माल।
काम सबो के सरलग होवय,
झन हो भ्रष्टाचार।
अइसन चल सरकार बनाबो,
हे हमरो अधिकार।
दाई बाबू खेत गये हे,
चल ओला समझाव।
सबले बड़का काम यही ये,
वोट डार के आव।
कल पछतावा झन गा होवय,
अइसन करव चुनाव।
काम धाम सब आज छोंड़ के,
वोट करे बर जाव।
दिलीप कुमार वर्मा
बलौदा बाज़ार
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