गूगल
गूगल ज्ञानी ज्ञान कहे।मोर कहे ला मान कहे।
जइसे मँय बतलावत हौं।अच्छा से समझावत हौं।
पूछ्व बात फटाफट जी।पाव जवाब खटाखट जी।
जइसन चाहव पूछ सकौ।मोर जवाब सवाद चखौ।
धरती ले अम्बर तक जा।या सागर के पूछ सखा।
जम्मो ज्ञान धराय हवे।गूगल ज्ञानी पाय हवे।
का पकवान बने कइसे।नानी हर जानय जइसे।
सब येमा भंडार भरे।पूछ सबोझन काम करे।
खेती कइसे हे करना।कतका हे पानी भरना।
खातू देना हे कतका।जहर होय झन नइ जतका।
ये इतिहास बतावत हे।मुर्दा तक घर लावत हे।
कोन मरे कइसे कहिथे।मनखे मन कइसे रहिथे।
गाना सुनले तँय झट ले।फ़िल्म दिखाथे ये खट ले।
पुस्तक जेला भी पढ़ले।जिनगी जइसे भी गढले।
आये हे भगवान कहाँ।काम करे का जहाँ तहाँ।
का खातिर बर आवत हे।कइसे काम बनावत हे।
जीव जगत ला जानत हे।कहाँ रहे ये छानत हे।
तन कइसे सब काम करे।अलग अलग सब नाम धरे।
बीमारी होथे कइसे।बैद बतावत हे जइसे।
करना का उपचार कहे।जम्मो गूगल ज्ञान रहे।
जब कोनो घर जावत हे।रसता तको बतावत हे।
कोनो कहूँ गँवावत हे।खोज उहू दिखलावत हे।
छोटे ले छोटे तक हे।पूछ्व जतका जी सक हे।
ज्ञान पिटारा खोलव जी।बात अपन बस बोलव जी।
कतका बता बखान करौं।मँय अज्ञानी अभी हरौं।
पूरा खोल न पाय हवौं।कुछ कुछ ला बतलाय हवौं।
सबके साथी बने हवै।गूगल मा जे सने हवै।
पता चले ना समे कहाँ।गूगल हे जब साथ जहाँ।
दिलीप कुमार वर्मा
बलौदाबाजार
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