Saturday, 11 April 2020

घनाक्षरी

कोरोना

ये कोरोना काल आगे,बड़ा बिकराल आगे, 
लगथे भूचाल आगे,आज सबो देश मा। 

आना जाना बंद होगे,रफतार मंद होगे, 
जिनगी ह छंद होगे, एके परिवेश मा। 

मुँह बाँध जाहू कहे, हाथ धोय खाहू कहे, 
तभे बाँच पाहू कहे,जिनगी के रेश मा। 

परिवार सँग रहौ,सुख दुख सँग सहौ, 
इही काम आही भाई,आपदा कलेश मा। 

दिलीप कुमार वर्मा
बलौदाबाजार
9926170342

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