Friday, 31 July 2020

बाल गीत

बाल गीत

चिड़िया रानी 

नन्ही मुन्नी चिड़िया रानी। 
छोटी है पर लगे सयानी। 
फुदक फुदक कर खेल रही है। 
हँसी खुसी सब झेल रही है। 

कभी उड़े छप्पर में जाती। 
उड़कर आँगन में फिर आती। 
कभी डाल पर झूला झूले। 
दाना चुगने को ना भूले। 

चुगती चाँवल गेहूँ रोटी। 
प्यारी प्यारी बिलकुल छोटी। 
आँगन से परछी में आती। 
थाली से वो भात उड़ाती। 

दर्पण से ओ चोंच लड़ाती। 
ठुक-ठुक ठुक-ठुक लड़ती जाती। 
दर्पण को ओ क्यों ना भाती। 
क्या दर्पण से वो घबराती। 

प्यारी प्यारी चिड़िया रानी। 
करती है अपनी मन मानी। 
सुबह सवेरे घर में आती। 
चिंव-चिंव करके हमे जगाती। 

रचनाकार- दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़

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