बाल कविता
मदारी
डम-डम डमरू बाजथे। करिया भालू नाचथे।
कूदत हावय बेंदरा। पहिरे चिरहा चेंदरा।
टूरी रेंगय डोर मा। खेल होत हे खोर मा।
गाँव मदारी आय हे। सुग्घर खेल दिखाय हे।
रचनाकार-दिलीप कुमार वर्मा बलौदाबाजार छत्तीसगढ़
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