Saturday, 28 November 2020

बाल कविता

बाल कविता 

मदारी 

डम-डम डमरू बाजथे। 
करिया भालू नाचथे। 

कूदत हावय बेंदरा। 
पहिरे चिरहा चेंदरा।   

टूरी रेंगय डोर मा। 
खेल होत हे खोर मा।

गाँव मदारी आय हे। 
सुग्घर खेल दिखाय हे। 

रचनाकार-दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़

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