Tuesday, 4 August 2020

शिशु गीत

शिशु गीत 

पलना मा लइका झूलत हे।  
दुख पीरा दाई भूलत है।

लइका के सुग्घर किलकारी। 
सुन के खुश होवय महतारी। 

कभू हाँसथे खिल-खिल खिल-खिल। 
रोय कभू ओ पिल-पिल पिल-पिल। 

हाथ पाँव छटकारत रहिथे। 
सूसू तक हर क्षण क्षण बहिथे। 

चंदा जइसन लइका हावय। 
देख सबो के मन ला भावय। 

गोद उठाके सब पुचकारय। 
मया अपन पूरा सब वारय। 

रचनाकार- दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment