राधा रानी
किशना के बात सुन, राधा रानी रिस करे,
मुँह ल फुलाय चले, न तो बतियाय जी।
कतको बुलाय कान्हा, बात म मनाय कान्हा,
नाच के दिखाय कान्हा, तभो न ओ आय जी।
पटकी पटकी पाँव, झटकी झटकी हाथ,
मटकी मटकी राधा, नखरा दिखाय जी।
मुरली बजाय कान्हा, गीत म रिझाय कान्हा,
दौड़ पास आये राधा, रुक नही पाय जी।
रचनाकार- दिलीप कुमार वर्मा
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़
No comments:
Post a Comment