Sunday, 6 September 2020

बाल गीत

बरसात

बरसा के दिन आये हे। 
ऊपर बादर छाये हे। 

बादल गरजे घड़-घड़-घड़।
जिवरा धड़के धड़-धड़-धड़।

बिजुरी चमके चम-चम-चम। 
मोर तको नाचे छम-छम।

टिप-टिप-टिप पानी बरसे।  
खेले बर मुनिया तरसे। 

जेन फिले घबरावत हे। 
चौरा मा तिरियावत हे।

छाता धर सोनू आगे।
बिना फिले राजा लागे।

रचानाकार- दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment