Saturday, 10 October 2020

बाल गीत

बाल गीत 

मुझको बच्चा समझ रहे हो। 
बिलकुल कच्चा समझ रहे हो। 

मैं इतना नादान नही हूँ। 
दुनिया से अनजान नही हूँ।  

कम्यूटर मोबाइल ला दो। 
उसमें थोड़ा नेट भरा दो। 

फिर देखो मैं क्या करता हूँ। 
मैं दुनिया से कब डरता हूँ। 

जो तुमसे ना हो पाता है। 
वो मुझसे सब हो जाता है। 

ये तो मेरे खेल खिलौने। 
काम सभी लगते हैं बौने। 

दुनिया की हर बात बता दूँ। 
जिसको चाहो वो दिखला दूँ। 

चाहो तो सब को उलझा दूँ।
हर उलझन को मैं सुलझा दूँ। 

इस दुनिया का मैं हूँ राजा। 
इम्फर मेसन ताजा ताजा। 

रचनाकार-दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़


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