बाल कविता
मेरे पापा मुझे बताओ।
दिन कैसे होता समझाओ?
सूरज क्यों जलते रहता है?
दिनभर क्यों चलते रहता है?
साँझ ढले पश्चिम में जाता।
सुबह पूर्व में कैसे आता?
पश्चिम से उसको आना था।
पूर्व दिशा में ढल जाना था।
क्या वो आग बुझा आता है?
पूरब में फिर जल जाता है।
रचनाकार- दिलीप कुमार वर्मा
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़
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