Saturday, 3 October 2020

बाल गीत

बाल गीत 

छप-छप छप-छप पानी खेलें। 
चलो मजा पानी का लेलें। 

धम्मक-धम्मक पाँव उठाओ। 
पाँव पटक पानी छिटकाओ।

बद बिद बद बिद दौंड लगाओ। 
देख सम्हल कर गिर ना जाओ। 

जो जितना पानी छिटकाये। 
वही खेल में अउवल आये। 

देखो भोलू बिदक गया है। 
उसपे पानी छिटक गया है। 

उसको मिल कर चल नहलाएं। 
जुरमिल कर हम मजा उड़ाएं। 

रचानाकार- दिलीप कुमार वर्मा 
बलौदाबाजार छत्तीसगढ़

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