Tuesday, 11 February 2020

सुगति छंद

सुगति छंद (शुभ गति) 

तन मन लगा। किसमत जगा।

कर काम जी। भज राम जी। 

मिहनत करे। ते सब भरे। 

धन धान हे। सम्मान हे। 

जे मन डरे। ओ का करे। 

रहिथे परे। भूखा मरे। 

आलस हटा। तन ला डटा।

चल हाथ दे। अब साथ दे।  

पाबे सबो। खाबे सबो। 

मिहनत करे।ओ घर भरे।  

तन पेर ले। रस हेर ले। 

सब हे इहें। तँय हच जिहें। 

दू हाथ हे। ओ साथ हे। 

चल दम लगा। किसमत जगा। 

दिलीप कुमार वर्मा






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