Sunday, 9 February 2020

मुखड़ा छंद

मुखड़ा छंद 

नये वर्ष की हार्दिक बधाई 

ट्वेन्टी ट्वेन्टी के स्वागत को,जाग रहा हर देश है। 

सर्दी गर्मी या बरसा हो, जैसा भी परिवेश है। 

मचा हुआ है धूम धड़ाका,जहाँ ढली बस शाम है। 

सागर नदियाँ होटल होटल,चौराहे भी जाम है।   

डीजे की आवाज गूँजती, थिरक रहा हर पाँव है। 

शोर शराबा करते सारे,शहर नगर हर गाँव है। 

रात अँधेरी भी घबराकर,छुपा हुवा है ओट पे। 

पड़ी रोशनी की बौछारें, आहत होके चोट पे। 

पी के दारू झूम रहे हैं,नर नारी सब संग में। 

नये वर्ष के स्वागत में सब,रँगे हुए हैं रंग में।   

अर्ध रात्र को हुआ उजाला,अम्बर भी विस्फोट से। 

लाख चाँदनी छिटक पड़ी है,बारूद भरे लँगोट से। 

हुआ अचानक शोर शराबा,स्वागत में नव वर्ष का। 

गले मिले सब दिए बधाई,क्षण मत पूछो हर्ष का। 

देते हैं हम आज बधाई,सुखमय पूरा साल हो। 

दुख की बदली कभी न छाये, सब अपने खुशहाल हो। 

दिलीप कुमार वर्मा 

बलौदाबाजार 1-1-2020





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